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कंगना रनौत के ओवर कॉन्फिडेंस होने की वजह से फिल्म ‘धाकड़’ हुई फ्लॉप

कंगना रनौत की फिल्म धाकड़ का उनके फैंस को काफी दिनों से इंतजार था। 20 मई को फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फैंस का इंतजार फिल्म को देखकर ठंडा पड़ गया। कंगना की फिल्म से उनके फैंस को कुछ ज्यादा ही उम्मीदें थी लेकिन फिल्म उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। कंगना की फिल्म को फैंस की तरफ से अच्छा रिस्पांस नहीं मिला फिल्म के लिए जैसा कंगना ने सोचा था उस हिसाब से फिल्म थिएटर में फीकी पड़ गई। फिल्म बुरी तरह से फ्लॉप होती नजर आ रही है।

कंगना का जादू बड़े पर्दे पर नहीं चल पाया। इस फिल्म में कंगना ने लगता है एक्शन के अलावा कुछ नहीं किया। फिल्म के नाम से ही पता लग रहा है की फिल्म में कंगना रनौत ने अपना धाकड़ अंदाज दिखाया है। फिल्म में कंगना का एक्शन सीन उनके दर्शकों को बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा ना ही फिल्म की स्टोरी किसी को पसंद आई। मानव तस्करी और सीक्रेट एजेंसी रॉ पर पहले से ही बॉलीवुड में कई फिल्मे बनी हुई है तो कंगना की फिल्म में वही स्टोरी घूमा फिरा के डाली हुई है। इस फिल्म में आपको कुछ नया देखने को नहीं मिलेगा।

मानव तस्करी बिजनेस घोटाला सीक्रेट एजेंसी रॉ पर पहले से ही बॉलीवुड में बहुत फिल्मे बनी हुई है इसलिए कंगना की फिल्म थिएटर में दर्शको को ज्यादा पसंद नही आई। दर्शकों को कहानी बांध  नहीं पाई दर्शकों को कहानी में बिलकुल भी दम नही लगा। फिल्म में बस कंगना एक्शन करती नजर आती है। कहानी कुछ समझ नही आती। फिल्म में इतने दिग्गज कलाकार थे कंगना के साथ दर्शक उनसे उम्मीद लगा बैठे थे। दर्शको को लगा की अगर ऐसे एक्टर्स फिल्म में है तो फिल्म की स्टोरी में दम होगा।

कंगना के साथ फिल्म में अर्जुन रामपाल, दिव्या दत्ता जैसे कलाकार भी थे। लेकिन यह कलाकार फिल्म में बस ओवर एक्टिंग करते दिखाई दिए। लोगो को इनकी नैचुरल एक्टिंग पसंद आती थी। धाकड़ फिल्म के डायरेक्टर रजनीश घई ने फिल्म के डायरेक्शन भी ठीक से नही किया। जैसे फिल्म शुरू होती है और खत्म होते होते फिल्म का डायरेक्शन फिल्म की स्टोरी की तरह बिखर जाता है। कंगना को अपने ऊपर ज्यादा ओवर कॉन्फिडेंस होता है उनका ओवर कॉन्फिडेंस ही फिल्म को ले बैठा।

Written by Shiv Meena

शिव मीणा पिछले 3 साल से एंटरटेनमेंट, बॉलीवुड और देश विदेश के खबरों पर लेख लिख रहे है।

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