माँ तो माँ होती हैं चाहे वह सगी हो या सौतेली नही, देखिये इन फिल्मों ने बदली माँ की परिभाषा। जानिए

एक समय था जब हिंदी सिनेमा की फिल्मों में कई भारतीय मां को दिखाया जाता था। वो माँऐ अपने परिवार और बच्चों की खातिर अपने सपनों को दांव पर लगा दिया करती थी। लेकिन आज के समय में पर्दे पर दिखाई जाने वाली माँ की अपनी आवाज़ और विचार होते है। जो अपने खुद के विचारों से अपनी पहचान बनाती हैं।

इन माँओ ने अपने बच्चों को डाटने के बजाय उनके साथ दोस्ती करना सही माना हैं वो अपने बच्चों के साथ एक दोस्त की तरह रहना ज्यादा पसंद करती हैं। ताकि वो हर बात अपनी माँ से शेयर कर पाये। हिंदी सिनेमा में आज के समय की माँओ जिन्होंने माँ के प्यार को कुछ अलग पहचान दी हैं।

हिंदी सिनेमा की फिल्मों में से एक सिंगल माँ की भूमिका जया बच्चन ने निभाई हैं।जो अकेले देश से बाहर रहने के बावजूद अपने बच्चों की परवरिश में कोई कमी नही रखी। वो अपने बच्चों को किसी चीज की कमी फिल नहीं होने दी।उन्होंने यह बताया हैं कि हमेशा ,चाहे कितना भी बुरा वक्त हो,हर पल अपने बच्चों के साथ खड़ी रहती हैं

एक माँ ही होती हैं जो इतनी आत्मनिर्भर और मजबूत होती हैं जो अपने बच्चों के हर सुख-दुःख में उनके साथ हमेशा खड़ी होती हैं और देखा जाए तो वो अपने पति के सौतेले बच्चों का पालन-पोषण भी अच्छी तरीके से करती हैं।वो एक माँ होने का फर्ज अच्छी तरह निभाती हैं ।

श्रीदेवी- इंग्लिश विंग्लिश की बात करे तो,श्रीदेवी ने इस फिल्म में शशि का भूमिका अच्छे से निभाया था।और इस फिल्म में अभिनेत्री ने अपने रोल मे एक मिडिल क्लास महिला की भूमिका अदा की है।जो सबके सामने अंग्रेजी नहीं आने की वजह से सब मजाक उड़ाने लग गए जो एक मजाक का पात्र सबके सामने बन गई।

लेकिन बाद में अपनी लगन और मेहनत से अंग्रेजी बोलने बोलने वाले पाठयक्रम में हिस्सा ले लिया और अपनी मेहनत से अंग्रेजी बोलना सीख जाती हैं अपनी कमी को पूरा करके दिखाती हैं ।बॉलीवुड की कहीं सुपर हिट फिल्मों में से माँ का ऐसा किरदार शायद और कहीं देखने को नहीं मिलेंगा।

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करीना कपूर -गुड न्यूज ,सुपर हिट फिल्म गुड न्यूज मे एक पत्रकार के रूप में करीना कपूर को काफी पसंद किया गया था ।करीना कपूर को एक पत्रकार के साथ- साथ एक माँ के रूप में भी देखा गयाथा ।बॉलीवुड की दुनिया में कुछ ऐसी माँओ का भी जिक्र किया हैं जो अपने सपनों के बिच बच्चों को नही आने देना चाहती है।लेकिन इस फिल्म ने इस बात को पूरी तरह से गलत साबित किया हैं ।करीना कपूर ने अपने सपनों के साथ अपने बच्चों को एक माँ का पूरा प्यार दिया है।

Vidya Balan felt ugly

विधा बालन- पा ,हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘पा’ में विधा बालम को एक आदर्श माँ के रूप में देखा गया है ।जो सिंगल माँ के किरदार को निभाने मे पूरी तरह से सफल रही हैं । हमारे समाज में शुरू से बिना शादी के माँ बनने वाली औरत को बहुत कुछ सहना पड़ता हैं ।लेकिन विधा बालम ने दुनिया की परवाह किए बिना एक आदर्श माँ के रूप में पहचान बनाई हैं ।

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शिव मीणा पिछले 3 साल से एंटरटेनमेंट, बॉलीवुड, देश–विदेश और ब्लॉगिंग पर लेख लिख रहे है।

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