9 नवंबर से 30 नवंबर तक दिल्ली के कई इलाकों सहित देश के इन सभी राज्य में पटाखों पर कुल प्रतिबंध…

0
194

वायु प्रदुषण के चलते कई राज्यों द्वारा पहले ही दिवाली पर पटाखे फोड़ने पर प्रतिबन्ध लगाया जा चुका है। और अब तो इस पर ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) का आदेश भी आ गया है। वैसे दिल्ली एनसीआर में 30 नवंबर तक पटाखों की बिक्री पर रोक लगी है।

गौरतलब है कि इससे पहले ही पटाखों पर बैंन के लिए राजधानी दिल्ली समेत आसपास के अन्य इलाकों में ऐसी मांग उठी थी। इसके बाद दूसरे राज्यों में भी पटाखों पर बैन की मांग उठने लगी, तब NGT ने मामले को संज्ञान में लेते हुए देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल करते हुए पटाखों पर प्रतिबंध का यह आदेश जारी किया। जिन शहरों में पिछले साल नवंबर में औसत एयर क्वालिटी खराब या उससे बुरी थी। वहां पर NGT ने पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इस आदेश के बाद से ही लगातार भ्रम की स्थिति बनी हुई है कि कहां पर पटाखे फोड़ने की छूट होगी और कहां पर प्रतिबंध।

ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने अपने आदेश में साफ कह दिया है कि दिल्ली एनसीआर में 9 नवंबर से 30 नवंबर तक पटाखों की बिक्री और इनके इस्तेमाल पर पाबंदी रहेगी। क्योंकि यदि दिवाली पर पटाखे चलते रहेंगे तो निश्चित तौर पर दिल्ली की आबोहवा और खराब हो जाएगी। मौजूदा हालात के मद्देनजर दिल्ली की हवा फिलहाल गंभीर श्रेणी में है। एनजीटी का यह आदेश 4 राज्यों में फैले दो दर्जन से ज्यादा जिलों पर लागू होगा जो एनसीआर का हिस्सा है।

बता दें कि इससे पहले एनजीटी ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए चार राज्यों समेत पर्यावरण मंत्रालय को नोटिस भेजा था। तब राज्यों ने इस संदर्भ में एनजीटी को अपना जवाब भेज दिया था। जिसके बाद आज एनजीटी ने वायु को प्रदूषण मुक्त रखने हेतु यह फरमान सुनाया।

एनजीटी ने दिल्ली एनसीआर में पटाखे की बिक्री और इसके इस्तेमाल पर आज रात से 30 नवम्बर तक बैन लगा दिया है। प्रतिबंध लगाते हुए एनजीटी ने अपने आदेश में कहा है कि जिन शहरों में हवा की गुणवत्ता सही है वहां केवल हरे रंग के पटाखों की बिक्री व इनका इस्तेमाल किया जा सकेगा और जिसके लिए 2 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।

यह छूट दिवाली, छठ पूजा, क्रिसमस, और नव वर्ष को ध्यान में रखते हुए दी गयी है। एनजीटी देश के कई अन्य राज्यों में भी पटाखे जलाने पर प्रतिबन्ध लगा चुकी है, जिनमे हरियाणा और कर्नाटक राज्य भी शामिल है। इसके अलावा अन्य राज्यों से भी वायु को शुद्ध रखने की खातिर अपील की गयी है कि स्थानीय लोग पटाखों को फोडने से परहेज करे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here